उत्तराखंड: शादी के लिए बेटे को विदा करते-करते बेहोश होकर गिर गई मां, नहीं बचाई जा सकी

बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर में कपकोट नगर पंचायत के बमसेरा में शादी वाले घर में अचानक मातम पसर गया. जब दूल्हे की माँ पल भर में देवलोग गमन कर गई. दूल्हे की बरात दुल्हन के घर के लिए रवाना करने की रस्म अदा की जा रही थी कि अचानक दूल्हे की मां को दिल दौरा पड़ गया. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया जिससे पूरा परिवार सदमे में है.

मिली जानकारी के अनुसार गुरूवार को भराड़ी वार्ड के बमसेरा निवासी बाला राम घटियाल के पुत्र डॉ. बृजेश की बरात बेरीनाग जाने को तैयार थी. बरात की रवानगी से पूर्व दूल्हे को अक्षत परखने की रस्म निभाई जा रही थी. मां आशा देवी अक्षत परखते हुए दूल्हा बने अपने बेटे लाड़-पुचकार कर गले लगी और अचानक बेसुध होकर ज़मीन पर गिर पड़ीं.

दूल्हे ने मां की नब्ज देखी तो वह धीमी पड़ गई थी. उन्हें तत्काल कपकोट सीएचसी पहुंचाया गया जहाँ डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. बता दें मृतका आशा देवी राइंका कपकोट में शिक्षिका थीं. अचानक हुए इस घटनाक्रम से बरात की खुशी मातम में बदल गई

शव यात्रा में तब्दील हुई बरात की तैयारियां:

घर के सबसे बड़े बेटे शादी थी जिससे सभी काफी खुश थे और कई दिनों से बारात कि तैयारिया कर रहे थे. आशा देवी भी घर में अपनी बहु के स्वागत को लेकर काफी उत्साहित थीं . बारात का दिन नज़दीक आने के सस्थ ही घर में रिश्तेदारों का आना शुरू हो गया. बरात के एक दिन पहले महिला संगीत, मेहंदी की रस्म ख़ुशी और हंसी ठिठोली के साथ संपन्न हुई. दूल्हे की मां ने भी उत्साह के साथ सभी कार्यक्रमों में भागीदारी की। वह सभी रिश्तेदारों  का गर्मजोशी के साथ स्वागत कर रही थीं. हर ओर उल्लास और खुशी का माहौल था.

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डॉ. बेटे और फार्मासिस्ट पिता के सामने माँ ने तोडा दम: 

माँ आशा देवी के बेहोश होने के बाद उनके डॉ. पुत्र और फार्मासिस्ट पति ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए तत्काल अस्पताल भी पहुंचाया गया लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. पति और पुत्र की भरसक कोशिश भी बेकार चली गई.


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