उत्तराखंड: लॉकडाउन नहीं किया तो भापजा को विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा खामियाजा

फाइल फोटो: सीएम तीरथ सिंह रावत

देहरादून
: प्रदेश में व्याप्त कोरोना महामारी के बीच अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के लिए एक बुरी खबर आ रही. अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच ने खुल कर सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस स्थिति में भी प्रदेश में पूर्ण लॉकडाउन न किया गया तो भाजपा को आने वाले चुनावों में भारी नुक्सान उठाना पड़ सकता है.

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 कोरोना संक्रमण को बेकाबू होता देख अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच ने सरकार से तत्काल लॉकडाउन करने की मांग की. मंच ने लॉकडाउन करने हो रही देरी पर सरकार से नाराजगी भी जताई है. मंच ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द कार्यवाही न की तो भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. मंच के मुख्य संयोजक हरीश चंद्र नौटियाल और सचिव संयोजक सुनील दत्त कोठारी ने कहा कि जनसंख्या के अनुपात के लिहाज से देखा जाए उत्तराखंड कोरोना संक्रमण में देश के सर्वाधिक संवेदनशील राज्य की श्रेणी में आ चुका है.

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इतनी भयाबह स्थिति के  बावजूद सरकार ठोस कदम नहीं उठा रही है कार्यालयों को खुला रखकर कार्मिकों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है. दफ्तरों के खुलने से सार्वजनिक आवाजाही जारी है और इससे कोरोना वायरस की चेन को तोड़ना संभव नहीं. कर्मचारियों की नाराजगी के कारण सरकार को आगामी चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है. प्रदेश प्रवक्ता पूर्णानंद नौटियाल ने कहा कि सरकार को पूर्ण लॉकडाउन कर कम से कम एक महीने तक सभी दफ्तरों को बंद करना चाहिए. कोरोना की चेन तभी टूट पाएगी. नौटियाल ने सीएम से मांग की कि प्रदेश के आम लोगों और कार्मिकों की जानमाल कीसुरक्षा के लिए तत्काल लॉकडाउन लागू करें.

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