उत्तराखंड: युवा रहें सतर्क, कोरोना का ये नया रूप ले चुका है कई जानें

फाइल फोटो

देहरादून:
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिसमें कई नई चीज़े सामने आ रही है. इन में से एक है हैप्पी हाइपोक्सिया. जिसकी चपेट में अधिकतर युवा आ रहे हैं. यह कोरोना की जानलेवा स्थिति है, जिसका पता मरीजों को जल्दी नहीं लग रहा है और उनकी मौत हो रही है. इसी वजह से हैप्पी हाइपोक्सिया को 'साइलेंट किलर' भी कहा जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश की राजधानी देहरादून के मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जिले के अन्य कोविड सेंटरों में इस तरह के लगभग 15 से 20 प्रतिशत मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें मरीज की हैप्पी हाइपोक्सिया के कारण मौत हो रही है।मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नारायणजीत सिंह ने बताया कि इसमें शरीर में ऑक्सीजन घटता रहता है और कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ता है। लक्षण महसूस न होने पर मरीज को संक्रमण होने का पता नहीं चल पाता।
जिसके कारण मरीज इस भ्रम में होता है कि उसे कोरोना नहीं है। लेकिन ऑक्सीजन स्तर नीचे गिरता रहता है और यहां तक कि 40 फीसदी तक पहुंच जाता है। इससे मरीज को सांस लेने और अन्य कई तरह की दिक्कतें आने लगती हैं। जिससे उपचार मिलने के बाद भी मरीज की हालत बिगड़ती जाती है और अधिकतर मामलों में मरीज की मौत की आशंका ज्यादा रहती है। 

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