उत्तराखंड: भाजपा नेता के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, एक हफ्ते में उठी चार अर्थी

फाइल फोटो
नैनीताल:  भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश सरकार में वन एवं कानून मंत्री रहे दिवंगत श्रीचंद के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक हफ्ते के अंदर-अंदर नेता  श्रीचंद सहित उनके एक पुत्र और दो पुत्रियों का स्वर्ग वास हो गया। एक हफ्ते के भीतर अचानक से चार सदस्यों के निधन के बाद शोक में डूबे हुए परिवार में अब दो पुत्र संजय व सुनील हैं।

दस दिन पहले हुआ था पुत्र का निधन:

बता दें कि श्री चंद का अधिकांश जीवन नैनीताल में ही बीता है। कुछ समय से उनका स्वास्थय ठीक नहीं था। वह चलने में असमर्थ थे और हल्द्वानी में रहने लगे थे। वहीं श्रीचंद के पुत्र मुकेश का दस दिन पहले नैनीताल में निधन हो गया था। पुत्र के निधन के दो दिन बाद ही गत रविवार दो मई को लंबी बीमारी के बाद श्रीचंद का भी निधन हो गया। अभी इन सदस्यों का पीपलपानी संस्कार भी नहीं हो पाया था कि दो दिन पहले ही नैनीताल में रह रही उनकी दो पुत्रियों मीना और मंजू का भी निधन हो गया।

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परिवार के पड़ोसी और परिवारजनों के घनिष्ठ मित्र भाजपा से जुड़े पुनीत टंडन ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि स्व. श्रीचंद की लगभग साठ वर्षीय अविवाहित पुत्रियां मीना और मंजू भाइयों के साथ ही यहां भाबर हॉल में रहती थीं। 7 मई को उनका स्वास्थ्य बिगड़ने पर परिजन उन्हें हल्द्वानी लेकर गए तो एक बहन ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं दूसरी बहन का हल्द्वानी के एक अस्पताल में निधन हो गया। स्व. श्रीचंद पत्नी का कई साल पहले ही निधन हो गया था।

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जानिए दिवंगत श्री चंद के बारे में-

बता दें कि 86 वर्षीय श्री चंद ने अविभाजित उत्तर प्रदेश में 1977 से 1979 तक वन एवं कानून मंत्री के रूप में कार्य किया था। वर्ष 1977 में वह जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते थे। वहीं वर्ष 2001 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, और वर्ष 2002 तथा 2007 में मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव  भी लड़ा। पेशे से वकील रहे श्रीचंद की छवि एक ईमानदार व स्पष्टवादी नेता की थी।

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